🌳 हमारे बाद भाग – 7 : वापसी।
एक पुराना नाम... एक अचानक हुई मुलाकात... और वह एहसास कि कुछ लोग हमारे जीवन से चले जरूर जाते हैं, लेकिन पूरी तरह कभी जाते नहीं।
🌿 कवि की अनुभूति
समय लोगों को हमसे दूर कर सकता है, लेकिन कुछ रिश्ते दूरी से नहीं, खामोशी से भी नहीं टूटते।
![]() |
अचानक मुलाक़ात… और कुछ रिश्ते, जो वक्त के साथ भी कभी पूरी तरह खत्म नहीं होते। |
🌿 आइए महसूस करें...
दादाजी का पत्र पढ़े हुए कई दिन बीत चुके थे।
लेकिन उसके शब्द अब भी अद्वैत के मन में गूंज रहे थे।
खासतौर पर वह एक पंक्ति...
कई बार सबसे कीमती चीज़ वही होती है जिसे हम रास्ते में छोड़ आए होते हैं।
वापस शहर लौटने के बाद अद्वैत फिर अपने काम में व्यस्त हो गया।
मीटिंग्स।
जिम्मेदारियाँ।
लक्ष्य।
और लगातार भागती हुई ज़िंदगी।
वह पहले की तरह केवल आगे नहीं देख रहा था।
पहली बार वह पीछे मुड़कर भी सोच रहा था।
कभी-कभी देर रात वह अपनी पुरानी डायरी पढ़ता।
पुराने संदेश देखता।
और अनजाने में एक नाम उसके मन में आ जाता।
नैना।
कई महीने हो चुके थे।
न कोई बात हुई।
न कोई मुलाक़ात।
न कोई शिकायत।
न कोई विदाई।
बस समय दोनों को अपने-अपने रास्तों पर ले गया था।
एक रविवार की शाम थी।
मौसम अचानक बदल गया।
आकाश में बादल छा गए।
और हल्की बारिश शुरू हो गई।
न जाने क्यों अद्वैत का मन पुराने पुस्तकालय जाने का हुआ।
वही पुस्तकालय...
जहाँ कभी किताबों से ज्यादा बातचीत हुआ करती थी।
वह अंदर गया।
सब कुछ लगभग वैसा ही था।
पुरानी लकड़ी की रैक।
किताबों की खुशबू।
और खिड़की पर गिरती बारिश।
उसने हल्की मुस्कान के साथ चारों ओर देखा।
जैसे कोई स्मृति खोज रहा हो।
तभी पीछे से एक परिचित आवाज़ आई।
तुम अभी भी बारिश वाले दिनों में यहाँ आते हो?
अद्वैत जैसे अचानक समय से बाहर निकल आया।
उसने धीरे-धीरे पीछे मुड़कर देखा।
और सामने...
नैना खड़ी थी।
कुछ पल तक दोनों एक-दूसरे को देखते रहे।
कुछ महीने ही बीते थे,
लेकिन इतना समय जरूर बीत चुका था कि दोनों बदल गए थे।
फिर भी कुछ चीज़ें वैसी ही थीं।
नैना की आँखों की शांति।
और अद्वैत की मुस्कान।
कैसी हो?
अद्वैत ने पूछा।
अच्छी हूँ।
सच?
नैना हँस पड़ी।
इतने समय बाद भी तुम्हारे सवाल नहीं बदले।
दोनों खिड़की के पास बैठ गए।
काम।
शहर।
जीवन।
पुराने मित्र।
लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, बातचीत गहरी होती गई।
कुछ देर बाद नैना ने पूछा,
क्या तुम्हें कभी लगा कि हम बिना कुछ कहे बहुत दूर चले गए?
अद्वैत ने खिड़की के बाहर देखा।
बारिश अब तेज हो चुकी थी।
फिर धीरे से बोला,
हाँ।
और?
और शायद यही मेरी गलती थी।
नैना शांत रही।
पहली बार अद्वैत ने बिना बचने की कोशिश किए अपने मन की बात कही।
मैं सपनों के पीछे भागता रहा।
और मुझे लगा कि जो लोग अपने हैं, वे हमेशा इंतज़ार कर लेंगे।
नैना की आँखों में एक हल्की उदासी उभरी।
लेकिन वहाँ शिकायत नहीं थी।
सिर्फ समझ थी।
हम सब यही गलती करते हैं।
उसने धीरे से कहा।
कुछ क्षण दोनों चुप रहे।
फिर नैना मुस्कुराई।
लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ रिश्तों को दूसरा मौका मिल जाता है।
अद्वैत ने उसकी ओर देखा।
उसे पहली बार महसूस हुआ कि कुछ लोग,
हमारे जीवन में इसलिए खास नहीं होते क्योंकि वे हमेशा हमारे साथ रहते हैं।
वे खास इसलिए होते हैं क्योंकि
समय बीत जाने के बाद भी उनके लिए हमारे मन में सम्मान बचा रहता है।
शाम ढलने लगी।
पुस्तकालय बंद होने का समय हो गया।
दोनों दरवाज़े तक साथ आए।
बाहर बारिश अब भी हो रही थी।
जाते-जाते नैना रुकी।
फिर बोली,
जानते हो...
कुछ मुलाक़ातें देर से होती हैं।
लेकिन सही समय पर होती हैं।
अद्वैत मुस्कुराया।
इस बार उसने कुछ नहीं कहा।
क्योंकि कुछ बातें शब्दों से नहीं, एहसासों से पूरी होती हैं।
![]() |
क्या पुराने रिश्ते को मिलेगा एक दूसरा मौका? जानिए हमारे बाद — भाग 7 : वापसी में। |
🌿 समापन – भाग 7 : वापसी।
उस शाम अद्वैत ने जाना कि अतीत हमेशा बोझ बनकर नहीं लौटता।
कभी-कभी वह हमें कुछ महत्वपूर्ण याद दिलाने आता है।
कुछ लोग हमारे जीवन का अध्याय नहीं होते।
वे पूरी किताब का अर्थ बदल देते हैं।
नैना लौट आई थी।
लेकिन क्या वह केवल एक पुरानी मित्र की तरह लौटी थी?
या समय उनकी कहानी में कोई नया मोड़ लिखने वाला था?
बारिश लगातार बरस रही थी।
और जीवन, एक बार फिर, चुपचाप कुछ नया लिख रहा था।
📖 अगले भाग में...
🌳 हमारे बाद – भाग 8 : बीच का रास्ता।
कुछ रिश्ते मंज़िल नहीं मांगते...
वे सिर्फ साथ चलने का साहस मांगते हैं।
क्या अद्वैत और नैना अपने,
अतीत और भविष्य के बीच कोई नया रास्ता खोज पाएँगे?
क्रमशः... 🌧️📖❤️✨
कुमार ✍️ गुप्ता
“सुरज दिखा, सपना जगा मगर डर अब भी रास्ते में दीवार बनकर बैठा था।” 🌳📖
📚 हमारे बाद— भाग 7/15 ❤️
हमारे बाद हिंदी साहित्य श्रृंखला का अगला और पिछला भाग पढ़ने के लिए किंल्क करें।
हमारे बाद हिंदी साहित्य श्रृंखला का दूसरा भाग और चर्चित कहानियां पढ़ने के लिए किंल्क करें।
📖 विरासत – हिंदी उपन्यास श्रृंखला पढ़ें।
तबतक आईए कुछ और चुनिंदा कविता पढ़े...
🐧• शब्दों में बसे एहसासों का खूबसूरत सफ़र🕊️।
👉 भावनाओं से सजी एक अनकही दुनिया...... कुमार✍️ गुप्ता
💬 अपना प्यार और सुझाव ज़रूर बताएं!
💌 Drop a comment below — your words are precious to us. ✨💬
👉 WWW.HINDIPOETRY.IN ✍️



0 टिप्पणियाँ
✍️ अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें!
आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए मूल्यवान है।