🧠 कविता परिचय-
कभी ज़िंदगी 🌪️ गिरा देती है,
तो कभी उठने की ताकत 💪 देती है।
मेरी कविता में वो आवाज़ 📢 है,
जो थक चुके हैं उनके कंधों को फिर से उठने का हौसला देगी।
हर पंक्ति एक संदेश ✉️ है —
गिरना हार नहीं, उठना असली जीत है 🏆।
"तू ये मत सोच..." एक ऐसी प्रेरणात्मक कविता है,
जो आपके दिल ❤️ को छू जाएगी।
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| "मैं भी खड़ा था, बारिश से बात कर रहा था..." चुपके से पीछे की जंग को उजागर करती, एक आत्म-परख की कविता – कुमार✍️गुप्ता द्वारा | 📖 पढ़ें: Yashswarg.blogspot.com |
🚩 आओ शुरू करें कुमार गुप्ता के साथ कविता:-
💪 “तू ये मत सोच कितना गिरा!”
🧍♂️ तू ये मत सोचो कि तुम
गिर के कितनी बार हारे हो ❌।
तू ये सोचो कि तुमने,
गिरने के कितनी बार,
उठने की कोशिश की है 🔁✨।
🌙 जब रातों की नींद,
आंखों की सुकून चली जाए 😔...
तब तक मेहनत करना दोस्त जब तक,
कामयाबी हमारे द्वार ना आए 🏠💫।
🌧️ तब तक खामोशी से,
बारिश में भीगते रहना तुम ☔।
एक दिन बादल छटेंगे ☁️🌤️,
और जीत की कामयाबी तुम्हें चूमेगी 🏅💖।
💬 मैं भी खड़ा था,
बारिश से बात कर रहा था...
उसने पूछा — “कैसे हो तुम?” 🤔🌧️
था वो एक दिन,
जब तू मुझपे,
हँस रहे थे तुम! 😌👥
✍️ कुमार गुप्ता
🎯 हमारी कविता का उद्देश्य हैं!:
- 🧗 गिरना नहीं, उठना याद रखो
- 🕯️ कठिनाई में भी उम्मीद बनी रहनी चाहिए
- 🌧️ बारिश = संघर्ष
- 🌟 रोशनी = जीत
🪞 बीता समय आइना है,
📚 हर अनुभव से
🧠 आत्म-चिंतन की सीख है कविता।
👉पंछी की तरह सोचीए– मैं थोड़ा खोया हुआ महसूस करता हूँ और मैं खुद से बातें करता है।तबतक आप ये विडीओ देखे! 👇
🌿 अगर ये कविता आपके मन को छू गई हो,
तो नीचे दी गई और रचनाएं भी आपके दिल को ज़रूर छुएंगी... 💭💚
👇👇📚✨
दिनचर्या भरी कविता
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- ख़ुद से निकले थे — एक आत्मस्वीकृति की कविता:- यह सिर्फ कविता नहीं -एक आइना है। शायद, आप भी इसमें खुद को कहीं पा लें।
- अनुभवों की सदाकत- जहाँ हर शब्द जीवन की गवाही बनती है- सामाजिक कविता:-अनुभवों की सदाकत एक सामाजिक कविता जो, जीवन के सत्य, भावनाओं और समाज की उलझनों को अनुभवों की रोशनी में प्रस्तुत करती है।
— कुमार ✍️ गुप्ता
👉मेरे प्यारे पाठको अंग्रेजी में पढ़ना है तो नीचे जाएं👇
📘 English Version of the Poem
🧠 Poem Introduction
Sometimes life 🌪️ makes us fall,
and sometimes gives us the strength 💪 to rise again.
In my poem, there is a voice 📢
that gives new courage to the shoulders which are tired of carrying burdens.
Every line is a message ✉️ —
Falling is not a failure, rising is the real victory 🏆.
“Don’t think how many times you’ve fallen...” is a motivational poem
that will touch your heart ❤️.
🚩 Let’s begin the poem with Kumar Gupta:
💪 “Don’t think how many times you’ve fallen!”
🧍♂️ Don’t think about
how many times you lost after falling ❌.
Think about how many times
you tried to rise again 🔁✨.
🌙 When your sleep disappears at night,
and peace leaves your eyes 😔…
Keep working hard, my friend, until
success arrives at your door 🏠💫.
🌧️ Until then,
keep getting drenched silently in the rain ☔.
One day, the clouds will clear ☁️🌤️,
and the success of victory will kiss you 🏅💖.
💬 I was also standing there,
talking to the rain...
It asked — “How are you?” 🤔🌧️
That was the day,
when you were
laughing at me! 😌👥
✍️ Kumar Gupta
🎯 Purpose of this poem:
- 🧗 Don’t remember the fall, remember to rise.
- 🕯️ Even in hardship, hope must remain.
- 🌧️ Rain = Struggle
- 🌟 Light = Victory
🪞 Past time is a mirror,
📚 Every experience teaches us
🧠 Self-reflection through poetry.
— Kumar ✍️ Gupta

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