विषय: 🫡🇮🇳 भारत के सपूत — तिरंगे की शान में लिखी अमर वीरगाथा, जहाँ हर शब्द में देश बसता है!
📝 परिचय : 🇮🇳 यह कविता भारत के
उन वीर सपूतों को समर्पित है,
जो तिरंगे की शान में अपने प्राण तक न्यौछावर कर देते हैं।
चाहे गाँव की मिट्टी हो या सीमाओं की चौकी —
हर जगह उनकी बहादुरी की गूंज सुनाई देती है। 🫡
⚔️ मेरी रचना में छुपा है एक फौजी का गर्व,
एक मां की दुआ, और एक देशभक्त का जुनून।
ये सिर्फ़ शब्द नहीं —
बल्कि भारत माता के चरणों में एक विनम्र वंदन है। 🙏
🎤 आइए, पढ़िए अमर गीत
और महसूस कीजिए उस जज़्बे को
जिसने भारत को आज़ाद रखा —
और तिरंगे को अमर बना दिया। 🚩
🤝आओ शुरू करे कुमार✍️ गुप्ता के साथ कविता🎭
डुएट स्क्रिप्ट के साथ भारत के वीर सपूत
👦 लड़का:
भारत के वीर सपूत हैं,
आजादी पे गाते हैं!
👧 लड़की:
शान-शौकत है हमारी,
खुले गगन में तिरंगा लहराते हैं!
👦
हममें साहस इतनी है,
दुश्मन उलझे तो ना घबराते हैं!
👧
सीने में फौलाद हमारी,
दुश्मन को धूल चटाते हैं।
👦
इसी मिट्टी की तिलक,
अपने माथे पे लगाते हैं।
👧
वतन की हिफाजत में,
तिरंगा फहराते हैं।
👦
विपदा ना आए वतन पे,
हम खैरियत मानते हैं!
👧
गांव की लड़की — देश की शान,
बूढ़े, बच्चे, हर नौजवान...
👦
भारत की गरिमा को,
हम आगे बढ़ाते हैं!
👧
आए चुनौती तो ये,
आंधी तूफानों से लड़ जाते हैं!
👦
भारत के वीर सपूत हैं,
आजादी पर गाते हैं!
👧
छिड़ जाए जंग, हो जाए प्राण निछावर —
अंत सफर में फौजी गाते हैं!
👦
तिरंगा लिपटे तो,
मां की आंचल बन जाते हैं!
👧
सुनो वतन! ये है आज़ाद फौजी का कथन —
भारत के गांवों में बसती है हरियाली!
👦
शहर-शहर ये संदेश पहुंचाते हैं —
हम पंछी हैं आजाद भारत के,
जहां चाहे उड़ जाते हैं!
👧
ना जाति का भेद, ना मजहब का बेर —
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
मिलकर रिश्ता मजबूत बनाते हैं!
👦
थाम कर एक दूजे की बाहें,
हम शीश झुकाते हैं!
👧
भारत के वीर सपूत हैं,
आजादी पे गाते हैं!
👦
सुख, शांति और विचार-विमर्श,
आजादी की जश्न मनाते हैं!
👧
सदैव आसमान में,
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा फहराते हैं!
👦
ये धरती है अमर बलिदानों की,
यहां पत्थर भी पूजे जाते हैं!
👧
ऋषि-मुनि तप करें तो,
उन्हें भगवान नजर आते हैं!
👦
वीरता भूलने वाले क्या जानें —
हर कण में यहाँ प्राण नजर आते हैं!
👧
ये धरती है बोध-ज्ञान की,
सारी दुनिया में भारत की पंचम लहराते हैं!
👦
जहां भी देखो वहां —
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा नजर आता है!
👧
भारत के वीर सपूत हैं,
आजादी पे गाते हैं!
👫 साथ में (एक साथ जोर से):
जय हिंद 🇮🇳
जय भारत! 🙏
✍️ रचना: कुमार गुप्ता
🎯 उद्देश्य : 🇮🇳 इस कविता का उद्देश्य भारत के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देना है —
उनके साहस, बलिदान और देशप्रेम को शब्दों के माध्यम से
हर भारतवासी के हृदय तक पहुँचाना।
यह कविता राष्ट्र की एकता, तिरंगे के सम्मान और
गाँव-गाँव में बसी देशभक्ति की भावना को
गौरव के साथ प्रस्तुत करती है।
⭐ मुख्य बिंदु:
1. 🪖 वीर जवानों की वीरता:
सीने में फौलाद लिए जो देश के लिए प्राण निछावर करते हैं।
2. 🚩 तिरंगे का गौरव:
खुले गगन में तिरंगा लहराना — हमारी शान और पहचान।
3. 🏡 गांव से उठती देशभक्ति:
जहाँ हर बच्चा, बुज़ुर्ग और युवती भारत की गरिमा में सहभागी है।
4. 🕊️ धर्मनिरपेक्ष एकता का संदेश:
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई — सब मिलकर भारत की नींव को मज़बूत करते हैं।
5. 🎉 आज़ादी का उत्सव:
विचार-विमर्श, शांति और भाईचारे के साथ आज़ादी की सच्ची भावना को जीना।
💖 जहां भावनाएं बहती हैं, वहां शब्द रुकते नहीं…
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