🌟 विषय:🔥 जब जीवन बनाए कठोर रास्ते,
तो आत्मबल ही सबसे बड़ा सहारा बनता है।
💭 यह कविता एक आत्ममंथन है —
🧭 जहां दिल, कर्तव्य और विरासत के बीच
⚖️ संतुलन बनाना सीखाती है।
✨ परिचय:🧠 मनुष्य का दिल जन्म से मासूम होता है,
पर 🌍 दुनिया की राहें उसे ढाल देती हैं —
कर्तव्यों, अपेक्षाओं और संघर्षों के साँचे में।
🛤️ मेरी कविता एक आत्मीय यात्रा है —
जहां 💔 भावनाओं का द्वंद्व है,
🧭 बुज़ुर्गों की सीख है,
🔥 और आत्मबल की लौ जलती है।
🕊️ कभी-कभी दिल को मजबूती का आवरण ओढ़ना पड़ता है,क्योंकि 🌪️ जीवन की आंधियों में भावनाएं ही सबसे पहले चोट खाती हैं।
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| "जब दिल को समय और कर्तव्य ने ढाला, तब आत्मबल ही सबसे बड़ा सहारा बना — यही है 'दिल वैसा नहीं था, जैसे बनाया गया था' आत्ममंथन यात्रा। ✍️ कुमार गुप्ता | yashswarg.blogspot.com" |
🤝आओ शुरू करे कुमार✍️ गुप्ता के साथ
🌟 दिल वैसा नहीं था, जैसे बनाया गया था🍄
💔 दिल वैसा नहीं था,
जैसे बनाया गया था ।
🛤️ कर्तव्य की राहों पे,
हमें चलना था ।
📚 वैसा पढ़ाया गया था ।
🙅♂️ मत कोसो खुद को,
🚫 ना रास्ता रोको उसको।
💪 जिसके पास आत्म बल है,
🔥 उसी को जगाया गया था ।
🐦 संघत में परिंदे,
🏊♂️ तैरना और
🕊️ उड़ना सीख जाते हैं...
🧂 यही तो कड़वी बातें हैं,
जो जीवन के हर मोड़ पे,
📖 पाठ पढ़ाया गया था ।
🤔 ये ना सोचो कि —
🌞 सूरज मिलने हमसे कैसे आते हैं?
🛣️ सूरज तक कैसे पहुंचना है,
👴 ये मार्ग बुजुर्गों से दिखाया गया था ।
❤️🔥 दिल को जला के,
💨 धुआँ बना के,
🌌 आसमां बनाया गया था।
🌟 सितारे जो आसमां के हैं,
वो हम नहीं हैं,
✨ जो झिलमिला रहे हैं तारे,
वो हमारे पुरखों की निशानी हैं।
🕰️ ये ना सोचो कि
क्या गुज़रेगी, क्या गुजर रही है,
क्या रह जाएगी...
⚖️ कर्तव्य का पालन करते रहो —
⏳ ये समय खुद पे खुद कट जाएगी।
💔 दिल वैसा नहीं था,
जैसे बनाया गया था।
कर्तव्य की राहों पर चलना था,
यही पाठ सिखाया गया था।
✍️ – कुमार गुप्ता
🎯 उद्देश्य : 💔 "दिल वैसा नहीं था, जैसे बनाया गया था..." — यह कविता उस भावनात्मक द्वंद्व की कहानी है,
जहाँ एक नरम दिल को समय, हालात और कर्तव्य की कठोरता ने एक नई पहचान दी।
🧓 बुजुर्गों की सीख,🔥 आत्मबल की आग,
और 🌅 संघर्षों से बने रास्तों की पहचान —
यही कविता की आत्मा है।
🚶♂️ यह रचना हमें याद दिलाती है कि
जो झिलमिलाते तारे हैं, वे हमारे पूर्वजों की मेहनत की चमक हैं, और हमें उस चमक को आगे बढ़ाना है।
🛡️ जब दुनिया पीछे हट जाए,
तब भी कर्तव्य निभाना ही असली वीरता है।
🔑 मुख्य बिंदु :
1. 🛡️ कर्तव्य की कठोर राह: कविता दिखाती है कि कैसे दिल को समय और समाज ने बदल दिया — जहाँ भावनाओं की जगह कर्तव्यों का बोझ आ गया।
2. 🌅 संघर्ष और आत्मबल की प्रेरणा: यह रचना हमें सिखाती है कि आत्मबल और बुजुर्गों की सीख से ही सूरज तक पहुंचने का मार्ग तय होता है।
3. 🌌 पूर्वजों की चमक और विरासत: कविता में झिलमिलाते तारे उन पुरखों की मेहनत और बलिदान का प्रतीक हैं, जिनकी बदौलत आज भी हम दिशा पा रहे हैं।
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📘 An English version of this poem is provided below for better understanding and collaboration.
💫 Theme:
🔥 When life carves out harsh roads,
then inner strength becomes our greatest ally.
💭 This poem is a journey of self-reflection —
🧭 where the heart learns to find balance
⚖️ between duty, legacy, and emotions.
✨ Introduction:
🧠 The human heart is born innocent,
but 🌍 the world shapes it —
molding it into the frame of duties, expectations, and struggles.
🛤️ My poem is an intimate journey —
💔 filled with emotional conflict,
🧭 guided by the wisdom of elders,
🔥 and fueled by the spark of inner strength.
🕊️ Sometimes, the heart must wear a mask of resilience,
because 🌪️ in the storms of life,
it's the emotions that get bruised first.

1 टिप्पणियाँ
Sahi lika bro👍
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