कविता के माध्यम से, समाज का मार्गदर्शन!

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✍️ कुमार गुप्ता

शोला और शबनम: मोहब्बत का जलता-सजलता सफर!

 🎯 विषय: "एक दर्दभरी प्रेम-दास्तान — जहाँ लड़का और लड़की की भावनाएँ एक-दूसरे से टकराकर जलती-बुझती हैं" 🔥🌊💔

परिचय :जब प्यार की राहों में दरिया भी छोटी लगे —

और एक 'शोला' और 'शबनम' की मोहब्बत,

ज़माने से अलग जहाँ अपनी एक ज़ुबान बोलती हो..." 🔥💧🌙

👉ये दास्तान एक संवेदनशील संवाद है —

जहाँ लड़का और लड़की दोनों अपनी मोहब्बत, मजबूरी और हालात के साथ सफ़र तय करते हैं।


सूर्यास्त में एक प्रेमी जोड़ा, जिसमें भावुक पंक्तियाँ उकेरी गई हैं — 'हर अल्फ़ाज़ एक आग है, और हर चुप्पी समंदर', 'इश्क़ की एक दास्तान – शोला और शबनम की जुबानी', और 'जब आग भी रो पड़ी और पानी भी जल उठा'।
"जब इश्क़ अल्फ़ाज़ से निकलकर आग बन जाए,
और चुप्पी समंदर से भी गहरी हो —
तब जन्म लेती है 'शोला और शबनम' की वो दास्तान,
जो सिर्फ़ दिल नहीं... रूह तक जला देती है।"

❤️‍🔥🌊💔
#इश्क_की_दास्तान #शोला_और_शबनम #कुमार_गुप्ता #yashswarg



🤝आओ शुरू करे कुमार✍️ गुप्ता के साथ दास्तान

📜 "मोहब्बत का जलता-सजलता सफर :शोला और शबनम"(Duet) 


🙇‍♂️लड़का(शोला) 

🔥 शोला जलाते जलाते,

मेरा हाथ जल गया... ✋🔥


🌬️ हवा ऐसी चली मेरे प्यारे,

बताते-बताते उसका नाम —

मेरा इरादा बदल गया… 💔😶‍🌫️


🌊 दरिया से इतनी थी मोहब्बत प्यारे,

मैं डूबा ही नहीं,

और मेरा रास्ता समंदर निकल गया… 🌊➡️🌌


🪨 किनारे ढूंढते-ढूंढते,

पत्थर इतने तराशे —की

मेरी दाढ़ी-मूंछ तक निकल गया… 🧔➡️👶

👰‍♀️लड़की (शबनम) 

🌅 मंज़िल में इतने मोड़ थे,

पड़ाव पे रुके तो ये शाम ढल गई… 🌇🛤️


🌃 आई काली रात तो,

मेरी चिराग फिर जल गई… 🕯️🌌


🕯️ लौ की आग बुझी तो,

मैं खुद जल गई… 🥀🔥

थोड़ी प्यास बची थी,

मगर मौसम बदल गई… ☁️💧


❄️ आई सर्द रातें तो,

मेरी कंबल बदल गई… 🧣🌙


👣 मोहब्बत थी इतनी गहरी —

मैं खाली पाँव चली,

और ये धरती जल गई… 🚶‍♀️🔥🌏


🙇‍♂️लड़का (शोला) 

📆 हालात अब समझे कौन,

ऋतु बदली तो हर सितम के नज़ारे बदल गए… 🌦️😔


🌙 छुपती जा रही चाँदनी तो,

सूरज कितने मचल गए… ☀️🌫️


🌹 रिश्ते की अहमियत तो देखो —

जहाँ डाल पे काटे थे,

कली वहीं गुलाब बन के निखर गई… 🌿🌹


🤐 हमने बात छेड़ी ही नहीं,

क्या पता उसका नाम,

जुबान से कैसे फिसल गई… 🫢💬


🌧️ शबनम को मनाते-मनाते,

उसके होंठ हिले ही नहीं —

मगर उसकी मोहब्बत में,

मैं कितने आगे निकल गया… 🥲🛤️💓


🔥 शोला जलाते-जलाते,

मेरा हाथ जल गया… ✍️🔥

कुमार✍️ गुप्ता! 


🎯 उद्देश्य:

पाठकों को ये दिखाना कि कैसे प्रेम कभी सहारा नहीं — एक अग्निपरीक्षा बन जाता है,

जहाँ उम्मीदें भी जल जाती हैं और भावनाएँ राख हो जाती हैं... फिर भी हम लिखते हैं।


🔑मुख्य बिंदु:

1. 🔥 इश्क़ का ताप — शोले में जलता प्रेम और खुद की पहचान खोना।


2. 🌊 दरिया से समंदर तक — भावनाओं का विस्तार और रास्तो का खो जाना।


3. 🧱 पत्थर, चीराग, कंबल — हर प्रतीक में एक जीवन दर्शन छुपा है।


4. 🌙 मौसम और हालात — समय बदलता गया, पर दर्द वही रहा।


5. 🌹 कली से गुलाब — जहाँ कटे थे रिश्ते, वहीं मोहब्बत फिर महकी।

🕊अगर ये संवाद आपके मन को छू गई हो,

तो नीचे दी गई और रचनाएं भी आपके दिल को ज़रूर छुएंगी... 💭💚

👇👇📚✨ 


  1. प्यार,हार,और जीत का अनोखा सफर,जीवन,संबंध:- 👉पति पत्नी में प्यार भी बहुत होता है|
  2. आंखों की मासूमियत और प्यार की नाज़ुक बातें,जब आँखें बोल उठती हैं,प्यार की गहराई :👉आंखों की मासूमियत और मोहब्बत की नज़ाकत👈
  3. एक रहस्यमयी प्रेम कविता जिसमें कवि अपनी आत्मा में बसी एक अजनबी को खोजता है — सांसों, ख्वाबों और धड़कनों में उसकी मौजूदगी को महसूस करता है।:👉कौन हो तुम ?
  4.  कविता तेरी यादों के साथ हर मौसम खास लगता है:👉जिस राह से चाँद ज़मीन पर उतरता है
  5. तुझ से मेरा एतबार था – भावनात्मक कविता:- "तुझ से मेरा एतबार था..." जब भरोसा टूटातब कलम ने लिखा — 👉एक ऐसी शायरी जो दिल से निकली... और आत्मा तक पहुँची।

  6. उसकी सुबह, मेरा जीवन- प्रेम कविता :- इस कविता में नई सुबह की ताजगी है, लेकिन वो सुबह तब तक अधूरी है — जब तक उसकी यादें, उसकी मुस्कान, उसकी मौजूदगीहमारी सुबह में न उतर आए 🌞💭 

  7. मेरी आरज़ू और तेरी रूबरू – भावनात्मक कविता :-परिचय : "💔 प्रेम की प्यास जब आत्मा तक उतर जाए, तो आरज़ू भी रूबरू बनकर लहू में बहती है...

  8. तेरे बिना झील के किनारे – एक विरह प्रेम कविता जो मन को छू जाए :- परिचय :-इस कविता में झील की शांति है, पर मन की बेचैनी भी... 💭🌊जब वादा भी साथ छोड़ दे, और यादें ही एकमात्र साथी बन जाएं

 

📘 An English version of this poem is provided below for better understanding and collaboration.


"The Burning & Blooming Journey of Love: Shola & Shabnam" 


🎯 Subject: "A Heartfelt Love Tale — Where the Boy and Girl’s Emotions Collide and Burn Together" 🔥🌊💔


✨ Introduction:

When even the ocean feels too small in the path of love —

And a ‘Flame’ and a ‘Dewdrop’ speak a language of their own,

a love beyond the world’s understanding... 🔥💧🌙


👉 This tale is a sensitive conversation —

where both the boy and the girl walk through their love, helplessness, and destiny together.


🤝 Come, begin this emotional journey with Kumar✍️ Gupta


📜 "The Burning & Blooming Journey of Love: Shola & Shabnam" (Duet)


🙇‍♂️ Boy (Shola)


🔥 While lighting flames,

my own hand got burned... ✋🔥


🌬️ The wind blew so strong, my dear,

that while saying her name —

my intention changed... 💔😶‍🌫️


🌊 Loved the river so deeply,

but I never drowned —

and somehow the path led me to the ocean... 🌊➡️🌌


🪨 While searching for the shore,

I carved so many stones —

even my beard and mustache were gone... 🧔➡️👶


👰‍♀️ Girl (Shabnam)


🌅 There were so many turns in the journey,

that when I paused at a stop, the evening had already passed... 🌇🛤️


🌃 As the dark night arrived,

my lamp lit again… 🕯️🌌


🕯️ When the flame's fire faded,

I myself burned... 🥀🔥

A little thirst remained,

but the seasons had already changed... ☁️💧


❄️ When winter nights came,

my blanket changed too… 🧣🌙


👣 My love was so deep —

I walked barefoot,

and this whole earth caught fire… 🚶‍♀️🔥🌏


🙇‍♂️ Boy (Shola)


📆 Who even understands the situation now?

Seasons changed, and with them —

every cruelty wore a different shade… 🌦️😔


🌙 As moonlight kept hiding,

the sun grew more and more restless… ☀️🌫️


🌹 The value of relationships — just see:

where we once cut the branch,

a bud bloomed into a rose… 🌿🌹


🤐 We never even started the conversation,

who knew how her name

slipped off my tongue… 🫢💬


🌧️ While I kept persuading Shabnam,

her lips never moved —

but in her love,

I kept walking farther… 🥲🛤️💓


🔥 While lighting flames,

my hand got burned again… ✍️🔥


— Kumar✍️ Gupta


🎯 Objective:


To show readers how love isn’t always a shelter —

sometimes, it becomes a trial by fire,

where hopes burn, emotions turn to ash...

and yet, we continue to write. ✍️🔥🕯️


🔑 Key Highlights:


1. 🔥 The Heat of Love —

Burning in passion, losing oneself in love's fire.


2. 🌊 From River to Ocean —

The overwhelming flow of emotions and losing one's path.


3. 🧱 Stones, Lanterns, Blankets —

Every symbol holds a deeper philosophy of life.


4. 🌙 Seasons & Situations —

Time kept changing, but the pain never did.


5. 🌹 From Bud to Rose —

Where relationships were severed, love bloomed again.


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