विषय:- तेरे बिना... सब अधूरा सा लगता है 💔🌙
✨ परिचय :-इस कविता में झील की शांति है, पर मन की बेचैनी भी... 💭🌊जब वादा भी साथ छोड़ दे, और यादें ही एकमात्र साथी बन जाएं... 🕯️💔
![]() |
| "कुछ रिश्ते झील की तरह होते हैं — शांत, गहरे और भीतर से टूटे हुए... तेरे बिना झील के किनारे बैठा रहा, और तन्हाई तेरे नाम की आवाज़ बन गई..." |
🤝आओ शुरू करे कुमार✍️ गुप्ता के साथ
🌙💔 विरह प्रेम कविता:
तेरे बिना झील के किनारे बैठा था…
तेरे बिना झील के किनारे बैठा था... 🌊🧍♂️
सर्द रातों की बाहों में चांदनी का पहरा था... ❄️🌙
तेरी सूरत भी मेरे नजरों के सामने,
चांदनी सा जगमगाया था... ✨👁️
अपने मन मंदिर को,
धीरे-धीरे मध्यम मध्यम जोत जगाया था... 🛕🪔
मन में बहुत उलझन थी,
तुझको सुलझाऊं कैसे... 🤯❓
यह रात भी ढल जाए... 🌌🕰️
सुलझाए बिना,
खाली हाथ घर जाऊं तो जाऊं कैसे... 🤲🚶♂️
तुझसे वादा किया था,
कभी ना रुलाऊंगा... 🫡💧
लेकिन तू जो रोए तो,
चुप कराऊं तो कराऊं कैसे... 🤐💔
चुप हो कर रूठे तो मनाऊं कैसे... 🙇♂️🌫️
तेरा कर्ज अभी भी बाकी है... ⚖️🧠
मैं तेरी दुनिया से,
जाऊं तो जाऊं कैसे... 🌍🚪
मेरा दिल का मंदिर बड़ा,
सुनसान नजर आता है... 🛕🕸️
तुझको सुलझाए बिना,
मैं श्मशान जाऊं तो जाऊं कैसे... 🔥🪦
तुझे इस दुनिया के,
उलझन में डूबता देख कर... 🌊🌀
नदिया पार करके,
आऊं तो आऊं कैसे... 🚣♂️🌁
तू तो चैन की नींद सो रही हो... 😴🕊️
तुझको उठाकर,
गले लगाऊं तो लगाऊं कैसे... 🤗💓
✍️ रचनाकार: कुमार गुप्ता
🎯 इस कविता का उद्देश्य है —
प्रेम में छुपे उस गहरे अकेलेपन को व्यक्त करना,
जहाँ वादा, विरह और स्मृतियाँ दिल से सवाल करती हैं... 💔💭🌙
📌 (मुख्य बिंदु) —
1. 💔 विरह का संघर्ष:
कविता में प्रेमी अपने वादों और जुदाई के दर्द के बीच टूटता और उलझता नज़र आता है।
2. 🌙 स्मृतियों की उपस्थिति:
प्रेमिका की अनुपस्थिति के बावजूद, उसकी यादें झील की चाँदनी सी मन में जगमगाती रहती हैं।
3. 🤲 अधूरेपन की पीड़ा:
बिना प्रेम को सुलझाए, जीवन या मृत्यु — कोई भी यात्रा पूरी नहीं लगती।
🌙 कभी-कभी कुछ लफ़्ज़ दिल में उतर जाते हैं…
अगर ये रचना आपको छू गई हो,
तो नीचे दी गई कुछ और कविताएं भी
आपके जज़्बातों को आवाज़ दे सकती हैं... 💌✨
- प्यार,हार,और जीत का अनोखा सफर,जीवन,संबंध:- 👉पति पत्नी में प्यार भी बहुत होता है|
- आंखों की मासूमियत और प्यार की नाज़ुक बातें,जब आँखें बोल उठती हैं,प्यार की गहराई :👉आंखों की मासूमियत और मोहब्बत की नज़ाकत👈
- एक रहस्यमयी प्रेम कविता जिसमें कवि अपनी आत्मा में बसी एक अजनबी को खोजता है — सांसों, ख्वाबों और धड़कनों में उसकी मौजूदगी को महसूस करता है।:👉कौन हो तुम ?
- कविता तेरी यादों के साथ हर मौसम खास लगता है:👉जिस राह से चाँद ज़मीन पर उतरता है
तुझ से मेरा एतबार था – भावनात्मक कविता:- "तुझ से मेरा एतबार था..." जब भरोसा टूटा, तब कलम ने लिखा — 👉एक ऐसी शायरी जो दिल से निकली... और आत्मा तक पहुँची।
उसकी सुबह, मेरा जीवन- प्रेम कविता :- इस कविता में नई सुबह की ताजगी है, लेकिन वो सुबह तब तक अधूरी है — जब तक उसकी यादें, उसकी मुस्कान, उसकी मौजूदगीहमारी सुबह में न उतर आए 🌞💭।
📘 An English version of this poem is provided below for better understanding and collaboration.
💔🌙 Topic: Without You… Everything Feels Incomplete
✨ Intro:-This poem holds the peace of a quiet lake, but also the storm inside the heart… 💭🌊
When even promises break, and only memories remain… 🕯️💔
🤝 Let’s begin with Kumar✍️ Gupta...
🌙💔 A Love Poem of Separation:
"I Sat by the Lake… Without You"
I sat by the lake... without you 🌊🧍♂️
Wrapped in cold night’s arms, with moonlight all around ❄️🌙
Your face appeared in front of my eyes —
Glowing like the moonlight... ✨👁️
I lit a soft light in the temple of my heart 🛕🪔
There was a deep confusion inside —
How do I untangle you from my thoughts? 🤯❓
The night was passing by... 🌌🕰️
But without finding a way,
How could I go home empty-handed...? 🤲🚶♂️
I had promised you —
I would never make you cry... 🫡💧
But now that you’re crying,
How do I calm you...? 🤐💔
If you're silent and upset,
How do I bring back your smile...? 🙇♂️🌫️
Your love is still a debt on my heart ⚖️🧠
How can I leave your world just like that...? 🌍🚪
My heart feels like an empty temple 🛕🕸️
Without solving things with you,
How can I even walk toward the end...? 🔥🪦
Seeing you drowning in the troubles of life... 🌊🌀
Even if I cross the river —
How can I reach you...? 🚣♂️🌁
You’re peacefully asleep now... 😴🕊️
But how do I wake you up,
and hug you once again...? 🤗💓
✍️ Poet: Kumar Gupta
🎯 Purpose of the Poem:
This poem expresses the deep loneliness hidden in love —
where promises, separation, and memories raise silent questions from the heart... 💔💭🌙
📌 Key Points:
1. 💔 Struggle of Separation:
The lover is seen breaking and battling between his promises and the pain of being apart.
2. 🌙 Presence of Memories:
Even in her absence, the memories of the beloved glow in the mind like moonlight on the lake.
3. 🤲 Pain of Incompleteness:
Without resolving the love, neither life nor death feels like a complete journey.
💬 अपना प्यार और सुझाव ज़रूर बताएं!
👇 कमेंट में लिखें — आपकी राय हमारे लिए ख़ास है ✍️😊 ( Share your love and thoughts with us!👇 Write in the comments — your feedback means a lot to us. ✍️😊)

1 टिप्पणियाँ
Yah Kavita bahut shandar Hai is Kavita se hamare jivan mein bahut kuchh Sikh milati hai.
जवाब देंहटाएं✍️ अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें!
आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए मूल्यवान है।