ओडिशा यात्रा के तीसरे पड़ाव में आपका स्वागत है।
भाग 1 में हमने पुरी के जगन्नाथ में भक्ति का पहला एहसास महसूस किया,
और भाग 2 में गोल्डन बीच की सुनहरी शाम में मन को शांति मिली।
अगर आपने दोनों भाग पढ़े हों,
तो अपने विचार ज़रूर साझा करें —
आपकी प्रतिक्रिया ही इस यात्रा को और सार्थक बनाती है।
अब बढ़ते हैं उस स्थान की ओर,
जहाँ समय स्वयं पत्थरों में ठहर गया है —
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समय जब पत्थरों में ठहर जाए, |
कोणार्क का सूर्य मंदिर। ☀️
🌞 विषय : कोणार्क — समय का पत्थर में ठहरा चमत्कार ।
परिचय : अब कदम बढ़ते हैं वहाँ,
जहाँ पत्थरों में समय आज भी सांस लेता है — कोणार्क मंदिर। 🌞
🌞 ओडिशा यात्रा — भाग 3
कोणार्क का सूर्य मंदिर
समय का पत्थर में ठहरा चमत्कार
कोणार्क पहुँचकर दिल दंग रह गया,
कला को देखकर मन उमंग से भर गया।
बारह पहियों का वह विराट रथ,
हर नक्काशी जैसे समय की धड़कन।
हर पहिया चलता हुआ लगे,
हर क्षण का संदेश देता हुआ।
पत्थरों पर उकेरी कहानियाँ
आज भी जीवित सी लगती हैं।
बीते युगों की गूँज
दीवारों से सुनाई देती है।
लोहे की मजबूती देखकर
मन का जंग भी उतरने लगा।
हर कोने से आती सूर्य किरणें
दीवारों को चूमती रहीं,
वही चमक आज तक
इन आँखों ने कहीं नहीं देखी।
पूरा मंदिर जैसे प्रकाश से भरा था,
मानो हर पहिया अब भी घूम रहा हो।
वहाँ खड़े होकर एहसास हुआ —
इंसान मिटता है,
पर कला अमर रहती है।
पत्थरों पर खड़ा सदियों का गर्व,
समय की धड़कन जैसे यहीं ठहर गई हो।
रथ के हर पहिए में हजार कहानियाँ,
हर नक्काशी कहती है —
यहीं से सभ्यता का विस्तार हुआ।
सूर्य की दिशा हमें राह दिखाती है,
समय हमेशा सत्य सिखाता है।
कोणार्क आकर देखो,
जहाँ मन के भ्रम अपने आप दूर हो जाते हैं।
समय का यह रथ यहीं नहीं रुकता,
सूर्य की किरणें आगे राह दिखाती हैं।
कल बढ़ेंगे उस धरा की ओर,
जहाँ युद्ध की ज्वाला शांत हुई,
और सम्राट अशोक ने
बुद्ध के मार्ग को अपनाया।
भाग 4 में चलेंगे
धवलगिरि की उस पवित्र पहाड़ी पर,
जहाँ हिंसा से करुणा की ओर
इतिहास ने करवट ली। 🕊️
— कुमार गुप्ता ✍️
🌿 आज यही विश्राम करते हैं कल मिलते हैं — भाग 4 में
अगले पड़ाव में चलेंगे धवलगिरि की ओर, जहाँ सम्राट अशोक ने युद्ध के बाद
करुणा का मार्ग अपनाया।
कल अवश्य जुड़िए —सफ़र अभी जारी है।
📖 यदि आपने पहले भाग नहीं पढ़े हैं तो यहाँ दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
✍️ओडिशा यात्रा – भाग 1
🛕 पुरी का जगन्नाथ: भक्ति का पहला एहसास ।
🐧• आस्था, इतिहास और प्रकृति का दिव्य संगम 🕊️।
. ✍️ओडिशा यात्रा – भाग 2
🛕 – गोल्डन बीच सुनहरी लहरों का गीत ।
🐧• लहरों में ढलता सूरज शाम का सुनहरा एहसास🕊️।
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📘 An English translation of this poem is provided below for better understanding and collaboration. 🌍
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